लक्ष्य को हर हाल मे पाना है! Lakshya poem in Hindi


lakshya poem in hindi

lakshya poem in Hindi


  लक्ष्य को हर हाल मे पाना है

चल उठ आगे बढ़ ,
चल उठ आगे बढ़ ,
तुझे कुछ करके दिखाना है ।
रख हौसला मेरे दोस्त क्योंकि
लक्ष्य को हर हाल मे पाना है

Hindi poem on lakshaya


ना डरना है ,ना डराना है ,
ना किसी से डरना है ,ना किसी को डराना है ।
बस तुझे आगे बढ़ते जाना है ।
गिर गये तो क्या हुआ ,फ़िर से कोशिश करो क्योंकि
लक्ष्य को हर हाल मे पाना है ।


ना भागना है ,ना रुकना है ।
ना तुझे भागना है , ना ही तुझे रुकना है ।
तुझे बस चलते ही जाना है ,
आज हार गये तो क्या हुआ ,
फ़िर भी तुझे लक्ष्य को हर हाल मे पाना है ।


लोग क्या कहेगे ,ये तो सिर्फ एक बहाना   है ,
लोग क्या कहेगे ,ये तो सिर्फ एक बहाना   है ।
सिर्फ तू ही है वो इन्सान ,
जिसने लोगो को कुछ करके दिखाना है ,
हिम्मत है तो कुछ कर जा क्योंकि
लक्ष्य को हर हाल मे पाना है ।


रास्ते मे एक नही ,बहुत तूफान आयेंगे ,
रास्ते मे एक नही ,बहुत तूफान आयेंगे ।
जिन्दगी के मायने भी तुझे फ़िर समझ मे आयेंगे ।
तुझे इन तुफानो से नही घबराना है ।
जो तू करना चाहता है उसे अच्छे से कर
और करते ही जाना है क्योंकि
लक्ष्य  को हर हाल मे  पाना है ।


लोग अच्छे भी आयेंगे और बुरे भी  आयेंगे ,

हमेशा याद रखो लोग अच्छे भी आयेंगे और बुरे भी आयेंगे ।
लोगो कि बातो को दिल पे नही लगाना है ,
किसी दिन तो अपना भी  सपना सच होगा ,
क्योंकि जो सपना है देखा ,
उसे हर हाल मे पाना है ।


संघर्ष करने वालो की कभी हार नही   होती ,
ऐसा महान लोगो का कहना है ।

तू ही है  अपनी dreamlife  का   वो   struggler ,
जिसे लोगो को यह दिखलाना है ,
कि मेरे ऊपर हज़ार मुशकिले भी आये ,
फ़िर भी मुझे लक्ष्य को  पाना है ।

lakshya poem in hindi


दिल टूटेगा हज़ार वार ,
लोग पीछे छूटेगे  वार -वार ,
दिल के टूटने से नही घबराना है ।
अपने दिल को हर वार यही समझाना है ,
लोग जाते है जाने दो क्या फर्क पड़ता है ,
मुझे तो अकेले ही अपने सपने को सच करके दिखाना है ।


बुरे से बुरे दिन भी आयेंगे ,
खाली जेबें तेरी तुझे खूब रूलायेगे ,
तेरे अपने भी तेरा साथ छोड़ जायेगे ।
रोते -रोते ही सही ,तुझे कुछ करके दिखाना है ।
क्योंकि तुझे अकेले ही आगे बढ़कर अपने लक्ष्य को पाना है ।


जिन्दगी बहुत ही आसान है ,
जिन्दगी बहुत ही आसान है ।
बस मुश्किलो से नही घबराना है ।
एक ऐसा नज़रिया बनाना है ,
कि तेरा दिल तुझसे कहे कि
मुझे तो हँसते -हँसते अपने लक्ष्य को पाना है ।


मंजिल ने तो एक दिन मिल ही जाना है ,
मंजिल पर तो एक दिन पहुँच ही जाना है ,
क्या कोई रोक पाया है किसी को
लोगो ने भी आपके आगे सिर झुकाना है ,

तब बस यही बात को दोहराना है ।
लक्ष्य को तो मैने उसी दिन पा लिया था ,
लक्ष्य को तो मैने उसी दिन पा लिया था ,
जिस दिन मेरे दिल ने ठान लिया  कि
लक्ष्य को तो हर हाल मे पाना है ।


written by yuvin kalotiya.

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