NSE क्या है । Brief History Of National stock Exchange.


आज हम बात करेगे भारत के दूसरे स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE की ,जिसमे NSE क्या है और History of NSE के बारे मे बताया जायेगा ।

आप सभी जानते है कि भारत के 2 stock exchange है ।
1. BSE- Bombay stock Exchange
 2. NSE -National Stock Exchange.

जिसमे BSE सबसे पुराना है और NSE की शुरआत BSE के काफी समय बाद हुई ।


नोट - हमारे द्वारा दी गयी जानकारी सिर्फ और सिर्फ education purpose के लिये है । अगर आप share market मे निवेश करने जा रहे है या करना चाहते है तो किसी investor या broker की सलाह ज़रूर ले ।


NSE- National Stock Exchange पर एक नज़र

NSE की स्थापना 1992 मे मुम्बई ,Maharashtra मे हुई । इसके chairman अशोक चावला और Managing Director (M.D) and chief executive officer (C.E.O) Vikram Limae     है । 
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है । एक तरह से ये भी कह सकते है कि stock market मे modernisation NSE की वजह से ही आयी है ।


History of NSE.



SEBI की शुरआत ।


1980 के दशक मे स्टॉक मार्केट मे बहूत तेजी का दौर आया जिस वजह से कई कंपनियों और brokers ने आम जनता को काफी बेवकूफ बनाया जिनमे से हर्षद मेहता scam सबसे मशहूर है । लोगो का विश्वास स्टॉक मार्केट से ऊठ चुका था । 
लोगो का विश्वास फ़िर से कायम करने और घोटालो को रोकने के लिये capital issue control act 1947 को ख़त्म करके securities and exchange board of india act 1992 (SEBI ) पास किया गया ।


NSE की शुरआत 

BSE मे Trading के लम्बे Process, कई सारी Problems और scams के चलते स्टॉक एक्सचेंज मे भारत अपनी  विश्वसनीयता खो रहा था।
ऐसे मे New technology के साथ -साथ अपनी विश्वसनीयता दोबारा कायम करने और दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले बहतर सुविधा प्रदान कर सके ऐसे ही stock एक्सचेंज की ज़रूरत थी ।
इसी बात को मद्दे नज़र रखते हुए NSE की शुरआत हुई ।

NSE SEBI के under नवंबर 1992 मे 25 करोड़ रुपये की Equity Capital से शुरू हुआ जिसको Financial Organisation ,Banks and Insurance companies के द्वारा तैयार किया  गया । 
यह एक तरह से new modernisation स्टॉक एक्सचेंज था जिसने ट्रेडिंग को online कर दिया और traditional trading के concept को Modern trading concept बना कर काफी हद तक trading को आसान कर दिया और जल्दी ही भारत का पहले दर्जे का स्टॉक एक्सचेंज बन  गया ।

world Federation of exchange (WFE) के अनुसार NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और 2015 में  Equity volume trading में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है ।

सेबी के अनुसार NSE अपनी स्थापना के एक वर्ष बाद ही भारत का सबसे बड़ा stock एक्सचेंज बन गया ।

NSE ने 1994 मे screen based trading  की शुरुआत की और इंडिया में इस तरह की ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म देने वाला पहला स्टॉक एक्सचेंज बन गया ।


एक brief नज़र NSE के ऊपर ।


1.    1992- NSE की स्थापना ।

2. 1994- screen based trading की                           शुरूआत ।

3. 1996 - CNX NIFTY की शुरुआत जो कि 50 index था ।

4. 1996 - Demat trading account की शुरुआत ।

5. 2000 -index future trading की   शुरुआत ।

6. 2001 - Single स्टॉक में future and option की शुरुआत ।

7.  2001 - NIFTY 50 पे आधारित index option trading की शुरुआत ।

8. 2010 - currency trading की शुरुआत ।

9. 2015 - CNX निफ्टी का नाम बदलकर NIFTY 50 कर दिया गया ।

NSE और BSE दोनो ही अपने सूचक अंको द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को दर्शाते है ।



NSE की Day टाईमिंग पर एक नज़र 


1.begging of the day session                      8:00 - 9:00 am

2 .Login session - 9:00 - 9:15 am

3.Trading session - 9:15 am - 3:30 pm

4. Position transfer session-   3:30 - 3:50 pm 

5.Closing session - 3:50 - 4:05 pm

6.Option exercise session - 4:05 - 4:35 pm

7.Margin session - 4:35 - 4:50 pm

8.Query session - 4:50 - 5:35 pm 

9.End of the day session 5:35 pm 

इसमे आप देख सकते है कि NSE की टाईमिंग क्या होती है ।

NSE की official website है 
www.nseindia.com यहाँ आपको काफी सारी जानकारी मिल सकती है ।

ये थी मेरी कोशिश आपकी NSE के बारे मे समझाने की । अगर जानकारी पसंद आये तो ज़रूर शेयर करे ।