G.S.T का एक साल : उलझने बरकरार ।


G.S.T लागू हुए एक साल हो गया है । इस एक साल के दौरान कर दरों और अन्य नियमों मे कई बदलावो के बावजूद विशव के दूसरे देशों के मुकाबले भारत मे G.S.T की जटिलताये कम नही हुई है । देश के G.S.T माडल की कुछ विशेषताये कानून को ओर पेचीदा बनाती है और इसके अप्रिय implementation के कारण शुरुआती महीनों मे करोबार पर बहुत असर पड़ा है । 
Gst by Dreamlifestruggle

Note -इस आर्टिकल मे दी गयी जानकारी अन्य संसाधनों द्वारा ली गयी है । इसलिये अगर कुछ गलत लगे तो एक बार अपने निजी स्तर पर जाँच ज़रूर  करे ।
G.S.T के दायरे मे आने वाले व्यापारियों ने इसके लिये registration तो करवा ली है मगर अब वे e-way और return file करने वाली प्रीक्रिया मे उलझ गये है । उन्हे साल भर मे 37 बार रिटर्न फाइल करना पड़ रहा है । व्यापारियों का कहना है कि G.S.T सिस्टम अभी तक ठीक नही चल रहा । सिर्फ GSTR 1 ही फाइल हो रही है जबकि एक साल बाद भी GSTR 2 और 3 मे अभी भी कई परेशानियां आ रही है । समस्या यह है कि जब तक ये दोनो फाइल नही होगी तब तक बिल की matching नही होगी और refund भी नही मिलेगा ।

कब -कब क्या हुआ ।

  • 1. July ,2017- जम्मू -कश्मीर को छोड़ कर देश बाहर मे G.S.T लागू ।

  • 17. July ,2017- G.S.T council की पहली बैठक मे सिगरेट पर कंपनसेशन सैस रेट मे बढ़ोतरी की सिफारिश ।

  • 27. July ,2017- जुलाई 2017 के लिये सारांश GSTR 3B दाखिल करने के लिये फार्म निर्धारित ।

  • 5,अगस्त,2017 - 20 वी GST Council की मीटिंग ,मुनाफाखोरी रोकने ,कपड़ा वे वस्त्र उत्पादों के काम पर 5% कर लगाने पर विचार विमर्श के साथ कुछ सेवायो पर G.S.T दरों मे संशोधन ।                            
  • 9,सितम्बर 2017 - G.S.T Council द्वार GSTR 3B भरने के लिये  GST मे दिसंबर ,2017 तक बढ़ोतरी ।

  • 6,अक्टूबर ,2017-  G.S.T Council द्वारा Non-registered व्यक्तियों के लिये T.D.S /T.C.S provision / Reverse charge मकेनीजम  स्थगित ।
  • 10,अक्टूबर 2017 - GST Council की बैठक मे कुल 213 वस्तुएँ की GST दरों मे बदलाव ।

  • 178 वस्तुओं पर G.S.T दर 28 से घटाकर 18%        
  •  2वस्तुओं पर G.S.T 28 से घटा कर 12% 
  •  13 वस्तुओं पर G.S.T दर 18 से घटा कर 12% 
  •  6वस्तुओं पर G.S.T दर 18 से घटा कर 5% 
  • 8 वस्तुओं पर G.S.T दर 12 से घटा कर 5% 
  • 6 वस्तुओं पर G.S.T दर 5 से घटा कर Nill..
  • A.C and Non A.C restaurant मे सेवा कर 5%   
  • 16, दिसंबर ,2017 - 1 फरवरी 2018 से इंटर स्टेट e-way bill आवश्यक करने का फैसला और इंटर स्टेट 1 जून ,2018 से लागू करने का फैसला ।                    
  • 18,जनवरी 2018 - 21 वस्तुओं पर G.S.T कर मे बदलाव और 40 वस्तुओं सेवा कर के दायरे से बाहर ।   
  • 1,फरवरी 2018 - inter state sale पर e-way bill लागू लेकिन खामियों के चलते स्थगित ।             
  • 1,अप्रैल 2018- inter state supply पर e-way bill लागू ।
  • 4,मई 2018 - नई सिंपल रिटर्न के लिये डिजाइन तैयार ।

लगभग 2 गुणा हुए registered.                     
1.  Vat के दौरान registration business 
        60.4 lakes 
2. G.S.T के दौरान registration business 
        110.2 lake 


डेढ़ करोड़ के करीब बड़ी tax रिटर्न 

वर्ष 2017- 5.43 करोड़ ।
वर्ष 2018- 6.84 करोड़ ।                                           
किस टेक्स स्लैब मे कितनी वस्तुएँ ।
  • 25% - 3
  • 3%  -18
  • 5%  - 258
  • 12%  - 223
  • 18% - 429
  • 28% - 49
और 141 वस्तुएँ पर कोई टैक्स नही है ।
देश मे 5 तरह के टैक्स स्लेव 0% ,5%,12%,18% और 28%  के अलावा सोने की कुछ वस्तुओं पर 3 % gst है और जब gst की सबसे ऊँची दर 28% लोकल सेल टेक्स और vat भी राज्यों द्वारा बसूला जाता है जैसे कि पेट्रोल और डीजल पर भी यह समभावना है ।

सलाना रिटर्न फार्म मे देरी ।
बिना बाधा के tax भरने के तरीकों का सदा स्वागत है क्योंकि यह सीधे तौर पर tax credit के बहाव को प्रभावित करता है । tax देने वालो की समस्याओं को कम करने के लिये GSTR- 2 and 3 को रोक दिया गया है । व्यापारिक घरानों को अब GSTR- 1 भरना पड़ेगा और summary के लिये GSTR- 3B भरनी पड़ेगी ।
दूसरी तरफ़ सलाना return भरने के फार्म के फ़ार्मेट पर अभी काम किया जा रहा है । भारत मे सिर्फ वही लोग तिमाही रिटर्न भर सकते है जो इसके दायरे मे आते है । कुछ विशेष प्रबंध जैसे कि reserve charge provision और invoice matching अभी लागू होने है । 
कर विशेषज्ञ का कहना है कि साफ्टवेयर सिस्टम को पहले परखना चाहिये और व्यापारियों को खुला समय देना चाहिये ताकि बाधाओं से बचा जा सके । 
मेरा खुद का यह experience है कि जब मै accounts करता था तब मुझे भी बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा । हमने कई बार देर रात तक भी काम किया है । मै account से related जिस भी पर्सन से मिला हूँ चाहे वो businessman हो या कोई ओर, ऊन सभी का यही कहना था कि vat के समय हमे इतनी दिक्कतों का नही करना पड़ता था जितना की अभी । पहले जितना काम वो एक हफ्ते या महीने मे करते थे उतना G.S.T के समय एक दिन मे करना पड़ता है । व्यापारियों का तो पता नही लेकिन कही ना कही accountants को इसका फायदा ज़रूर हुआ है । अगर एक तरफ़ उन्हे ज्यादा काम करना पड़ता है तो दूसरी तरफ़ उनकी income भी increase हुई है । 
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